पड़हन्त का व्याख्यान और प्रदर्शन, संगीत के साथ, कथक के प्रारंभिक स्तर के लिए
गुरु पाली चन्द्रा हमें इस पाठ में पड़हन्त का सही तरीका लेहेरे और ठेके के आकार के साथ हमें समझा रही हैं । ये पाठ प्रारंभिक स्तर के लिए खास तौर से बनाया गया है ताकी आरंभ से ही नीव मज़बूती से डाली जा सके । लय और ताल की समझ को पकड कर रखना अत्यन्त अवश्यक है । गुरु का कहना है की इसका अभ्यास शुरुवात से करने कि आदत डालने से कथक की यात्रा और आनन्दमय हो सकती है ।
गुरु वंदना शोलक और उसके मायने
कथक की अंदाज़ में शरीर का व्यायाम रियाज़ के पहले और रियाज़ के बाद । कथक प्रारंभिक पाठ्यक्रम गुरु पाली चन्द्रा द्वारा ।
हस्तक अभ्यास या रियाज़, हस्तक का व्यायाम कथक के प्रारंभिक स्तर के लिए ।
नाट्य क्रम: श्लोक और उसका अर्थ | Natya Kramaha: Shloka and Meaning | कथक के प्रारंभिक स्तर केलिए
चक्कर : पैरों का काम चक्कर लेते समय शिष्याओं के साथ । chakkars Demonstration Footwork