समतल हस्तक व्याख्यान और महत्वपूर्णता कथक के प्रारंभिक स्तर के लिए ।
समतल हस्तक व्याख्यान और महत्वपूर्णता कथक के प्रारंभिक स्तर के लिए ।
समतल शब्द समान, बराबर या एक ही स्तर पर होने वाले अंग संचालन के बारे में है । इसमें दोनों दिशाओं पर हाथों को एक एक बार खींचकर दिखाना होता है । याद रहे दोनों ही दिशाओं में हाथों का बराबरी से एक ही स्तर पर खिंचा होना अनिवार्य है । समतल हमारे नृत्य प्रदर्शन में अक्सर इस्तमाल किया जाता है । कथक में नमस्कार की परिक्रिया भी समतल से ही शुरु होती है ।
सम प्रदर्शन कथक के प्रारंभिक पाठों के लिए
गुरु वंदना व्याख्यान क्रम से (पाठ २) | कथक में गुरु वंदना श्लोक का विस्तृत विवरण |
रंगमंच का टुकड़ा - परिभाषा और नोटेशन | Rangmanch Ka Tukra Definition and notation
परिभाषा और नोटेशन - आलिंगन की आमद | Aalingan Ki Amad Definition and notation