गुरु वंदना व्याख्यान क्रम से (पाठ २) | कथक में गुरु वंदना श्लोक का विस्तृत विवरण |
गुरु पाली चंद्रा श्लोका के माध्यम से सभी को आत्मविश्वास के साथ ले जाता है। उसका जुनून हम तक पहुंचता है क्योंकि वह हमें श्लोक के प्रत्येक शब्द और आंदोलन की कल्पना और विश्लेषण करता है।
ॐकारं बिंदुसंयुक्तं - शोलक और उसके मायने | Omkaram Bindu Samyuktam Sloka Meaning
नाट्य क्रम: व्याख्यान - नाट्य शास्त्र का एक श्लोक - यदो हस्त ततो दृष्टि । Natya Kramaha Explanation
ॐकारं बिंदुसंयुक्तं प्रदर्शन संगीत के साथ | Showcasing Omkara Shloka ‘Omkaram Bindu Samyuktam’ in Kathak
हस्तक अभ्यास या रियाज़, हस्तक का व्यायाम कथक के प्रारंभिक स्तर के लिए ।
चौगुन का प्रदर्शन शिष्याओं के साथ - तत्कार (पैरों का काम) - तीनताल | Chaugun Demonstration with the Students