उत्पति हस्तक उसका व्याख्यान और उसकी महत्वपूर्णताकथक के प्रारंभिक पाठ्यों के लिए ।
उत्पति शब्द का अर्थ है शुरुवात। किसी भी चिज़ की शुरुवात करना, वो जगह जहां से चीज़ें शुरु होती है । गुरु का कहना है कि शुरुवात हमारी घर से होती है । तो जहां भी हमारी हाथ जायें उसे घर वापस आना चाहिए । और ये घर है वह जगह जिसे हम कथक में उत्पत्ति कहते है ।
चक्कर : हस्तक का प्रदर्शन शिष्याओं के साथ । Chakkars Demonstration with the Students Hastaks
आलिंगन की आमद व्याख्यान और प्रदर्शन | Aalingan Ki Amad Explanation and Demonstration
गुरु वंदना व्याख्यान क्रम से (पाठ २) | कथक में गुरु वंदना श्लोक का विस्तृत विवरण |
रंगमंच का टुकड़ा - प्रदर्शन शिष्यों के साथ | Rangmanch Ka Tukra Demo with the Students
हस्तकोण सूचिता व्याख्यान और महत्वपूर्णता कथक के प्रारंभिक पाठ्यक्रम के लिए ।