पड़हन्त का व्याख्यान और उसकी महत्वपूर्णता कथक के प्रारंभिक स्तर के लिए
गुरु पाली चन्द्रा कथक कि इस यात्रा में हमें पड़हन्त की महत्वपूर्णता और उसकी आवशक्ता का व्याख्यान देती हैं । पड़हन्त करने का अपना एक तरीका होता है । इसकी समझ और उसका अभ्यास करना अत्यन्द अवश्यक है ।
अंग: कथक में खड़े होने का अन्दाज़
हस्तक या हस्त संझालन : व्याख्यान और उसकी महत्वता कथक के प्रारंभिक पाठों के लिए ।
पड़हन्त के परिभाषा और उसे लिखने का अंदाज़ | Padhant
आमद प्रदर्शन शिष्यों के साथ | Amad Demonstration with the Students
परिभाषा और नोटेशन - आलिंगन की आमद | Aalingan Ki Amad Definition and notation